Interchangeability क्या है? Selective and non-selective assembly

विनिमयशीलता (Interchangeability)

Interchangeability

जब मुख्य industries या कंपनियों में ऑटोमोबाइल वाहन जैसे बस, कार, बाइक और मशीन टूल्स का विशाल मात्रा में उत्पादन या mass production किया जाता है,

तो विभिन्न फैक्ट्रियों (vandor companies) द्वारा वाहन व मशीन के अलग-अलग पार्ट्स को बनवाकर उन्हें मुख्य फैक्ट्रियों में असेम्बल किया जाता है।

उत्पादित भागों की संख्या की मांग अधिक होने के कारण उनको अलग-अलग फैक्ट्रियों में अलग अलग मशीनों व ऑपरेटर के द्वारा बनाए जाने के बाद भी उन्हें असेम्बल किया जाता है

तो वे आसानी से जुड़ (फिट हो) जाते हैं। मशीन के भागों के इसी गुण को विनिमयशीलता (Interchangeability) कहा जाता है।

Interchangeability को बनाये रखने के लिए machine parts को निर्धारित टॉलरेन्स और साइज में तैयार किया जाता है।

Interchangeability मुख्य लाभ यह है, कि जब किसी मशीन का कोई भी पार्ट्स खराब हो जाता है तो मशीन के उस खराब पार्ट को आसानी से बदला जा सकता है

क्योंकि वो पार्ट्स मार्केट में आसानी से उपलब्ध हो जाता है और मशीन को working condition में लाया जा सकता है।

विनिमयशीलता के लिए मशीनी अंग पर कुछ सीमा (Limit) तय की जाती है।

यह सीमा मशीनी अंग की कार्य पद्धति तथा फिट पर निर्भर करती है।

इसलिए सीमा पद्धति (Limit System) में ही मशीनी अंग को कारीगर द्वारा बनाया जाना चाहिए।

सरल शब्दों में-

Interchangeability को आसानी से समझने के लिए NUT-BOLT बेस्ट example है,

यदि आप अपने यहां 10 number का कोई बोल्ट का खरीदते हैं और अपने यहां से 1000 – 1500 km दूर उस बोल्ट के लिए 10 नंबर का Nut खरीदना है तो आसानी से मिल जाएगा।

nut का आसानी से मिल जाने का कारण है Interchangeability जो एक standerization बना के रखती है।

विनिमयशीलला के लाभ (Advantages of Interchangeability)

विनिमयशीलता के लाभ निम्न प्रकार हैं-
(i) उत्पादन में वृद्धि होती है।

(ii) उत्पादित पार्ट की लागत कम हो जाती है।

(iii) खराब पार्ट को आसानी से कभी भी बदला जा सकता है।

(iv) असेम्बली टाइम काम हो जाता है।

(v) एक ही पार्ट को कई जगह बनाया जा सकता है।

Interchangeability और अच्छे से समझने लिए selective और non selective असेंबली को समझतें हैं।

चयनात्मक असेम्बली (SELECTIVE ASSEMBLY)

जैसा कि नाम से पता चल रहा है selective यानी के पार्ट्स को assemble करने से पहले उन्हें सेलेक्ट किया जाता कि ये पार्ट्स ही assemble किये जाने हैं।

इस प्रकार की assembly में उदाहरण के लिए एक नट जो किसी स्पेशल बोल्ट के लिए बनाया गया है

वो सिर्फ उसी बोल्ट में ही फिट होगा अन्य किसी बोल्ट पर नहीं।

इस प्रकार की असेम्बली को selective assembly कहते हैं। ये assembly धीमी तथा खर्चीली होती है,

इसमें use होल वाले स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग बनाए जाने के कारण इसका मेन्टेनेन्स थोड़ा कठिन होता है।

अचयनात्मक असेम्बली (NON-SELECTIVE ASSEMBLY)

इस प्रकार की असेम्बली में समान साइज तथा समान चूड़ी वाला कोई भी नट,

किसी भी बोल्ट में फिट किया जा सकता है,

जिसमें किसी selection की जरूरत नहीं होती इसलिए इसे non selective assembly कहते।

इसमें असेम्बली तेज होती है तथा कीमत भी कम आती है।

और आसानी से स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध होते हैं। तथा मेन्टेनेन्स भी सरल होता है।

NON-SELECTIVE ASSEMBLY की एक विशेषता यह होती है कि इसमें Interchangeability बनाये रखा जाता है।

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